Skip to main content

Posts

Showing posts with the label Vijayshankar Chaturvedi

भारत के बुद्धिजीवी यह अपील करने पर क्यों मजबूर हुए?

                                                 (Image Courtesy : AsiaNews) यह सामान्य परिघटना नहीं है कि पिछले हफ्ते भर के भीतर करीब 600 रंगकर्मियों , 100 से अधिक फिल्मकारों , 200 से अधिक लेखकों , 100 से अधिक विजुअल कलाकारों तथा 150 से अधिक वैज्ञानिकों ने अलग-अलग दिनों पर लगातार बयान जारी करके बीजेपी और उसके सहयोगी दलों को वोट न देने की सार्वजनिक अपील की. यह भारत के बुद्धिजीवियों का एक संख्या-योग मात्र भी नहीं है , बल्कि इसे देश के शीर्ष और आला दिमागों का एक व्यापक प्रतिनिधित्व माना जाना चाहिए . अपील करने वाले ये रोशनखयाल लोग किसी एक संस्थान , एक क्षेत्र , एक भाषा , धर्म-जाति या राजनीतिक दल विशेष से ताल्लुक नहीं रखते और इनसे लाखों बुद्धिजीवियों की मौन सहमति भी है. आखिर क्या वजह है कि अमोल पालेकर , अनुराग कश्यप , एमके रैना , कोंकणा सेन शर्मा , रत्ना पाठक शाह और संजना कपूर जैसे अभिनेता-निर्देशक-फिल्मकार , गिरिश कर्नाड , अरुंधती रॉय , अमिताव घोष , नयन...

गडकरी का बयान किस ‘राष्ट्रवाद’ की मिसाल है?

बीते दस दिनों से दिमाग में यह खयाल बार-बार गर्दिश कर रहा था कि बात-बात पर राष्ट्रवाद और देशभक्ति की कसमें खाने और खिलाने वाली मोदी सरकार के केंद्रीय परिवहन , हाईवे , जहाजरानी एवं जल-संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने आखिर ऐसा बयान क्यों दिया! उनका बयान किन्हीं देशद्रोही तत्वों को लेकर भी नहीं , परम देशभक्त नौसेना को लेकर था। इसलिए गडकरी के बयान को न तो मैं हल्के में ले पा रहा हूं न ही उसकी अनदेखी कर पा रहा हूं। आप पूछेंगे कि गडकरी साहब ने ऐसा क्या कह दिया? उन्होंने 11 जनवरी को मुंबई में आयोजित एक समारोह के दौरान युवराज दुर्योधन की स्टाइल में कहा था, "दक्षिण मुंबई की प्राइम लैंड में नौसेना को आवास के लिए एक इंच भी ज़मीन नहीं देंगे!" यही नहीं जोश में उन्होंने नसीहत दे डाली कि नौसेनाकर्मियों को तो आतंकवादियों पर नज़र रखने के लिए पाकिस्तान की सीमा पर गश्त लगाना चाहिए। उन्हें दक्षिण मुंबई जैसे पॉश इलाके में आवास की जरूरत क्या है? गडकरी का दावा है कि उनके पास कई नौसेनाकर्मी दक्षिण मुंबई में आवास पाने का अनुरोध लेकर आते हैं। गडकरी ने यह बयान किसी आपसी बातचीत में नहीं बल्कि एक उच्च ...