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Showing posts with the label विजयशंकर चतुर्वेदी

गडकरी का बयान किस ‘राष्ट्रवाद’ की मिसाल है?

बीते दस दिनों से दिमाग में यह खयाल बार-बार गर्दिश कर रहा था कि बात-बात पर राष्ट्रवाद और देशभक्ति की कसमें खाने और खिलाने वाली मोदी सरकार के केंद्रीय परिवहन , हाईवे , जहाजरानी एवं जल-संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने आखिर ऐसा बयान क्यों दिया! उनका बयान किन्हीं देशद्रोही तत्वों को लेकर भी नहीं , परम देशभक्त नौसेना को लेकर था। इसलिए गडकरी के बयान को न तो मैं हल्के में ले पा रहा हूं न ही उसकी अनदेखी कर पा रहा हूं। आप पूछेंगे कि गडकरी साहब ने ऐसा क्या कह दिया? उन्होंने 11 जनवरी को मुंबई में आयोजित एक समारोह के दौरान युवराज दुर्योधन की स्टाइल में कहा था, "दक्षिण मुंबई की प्राइम लैंड में नौसेना को आवास के लिए एक इंच भी ज़मीन नहीं देंगे!" यही नहीं जोश में उन्होंने नसीहत दे डाली कि नौसेनाकर्मियों को तो आतंकवादियों पर नज़र रखने के लिए पाकिस्तान की सीमा पर गश्त लगाना चाहिए। उन्हें दक्षिण मुंबई जैसे पॉश इलाके में आवास की जरूरत क्या है? गडकरी का दावा है कि उनके पास कई नौसेनाकर्मी दक्षिण मुंबई में आवास पाने का अनुरोध लेकर आते हैं। गडकरी ने यह बयान किसी आपसी बातचीत में नहीं बल्कि एक उच्च ...

WHO: तेज़ी से अवसादग्रस्त हो रहा है भारत!

-विजयशंकर चतुर्वेदी अवसाद और अन्य मानसिक विकारों को लेकर वैश्विक स्वास्थ्य का आकलन करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक महत्वपूर्ण रपट सामने आई है।  इस रपट के मुताबिक दुनिया भर के 32.2 करोड़ अवसादग्रस्त लोगों में से 50% लोग भारत और चीन में बसते हैं। अकेले भारत में ही 5 करोड़ से अधिक लोग इस विकार से जूझ रहे हैं। डब्ल्यूएचओ की यह रपट ऐसे समय आई है जब भारत में छात्रों का परीक्षा-काल चल रहा है और ज़्यादातर छात्र तनाव में होते हैं। परीक्षाओं में अपेक्षित सफलता न मिलने की आशंका और सामाजिक दबाव उन्हें अवसादग्रस्त कर देता है।  अगर उन्हें समय पर अभिभावकों अथवा परामर्शदाताओं का मार्गदर्शन न मिले तो इसके परिणाम घातक हो सकते हैं! बात सिर्फ छात्रों की ही नहीं है। हमारे देश में महिलाएं ,   मजदूर ,   किसान ,   नौकरीपेशा ,   व्यापारी …   यानी कोई वर्ग ऐसा नहीं है ,   जिसके अवसादग्रस्त होने की आशंका न हो। अवसाद और चिंता ऐसा मर्ज़ नहीं है जिसके लिए कोई आयुवर्ग निर्धारित किया जा सके। वर्ष 2018 के दौरान भारत में करीब 3.8 करोड़ लोग चिंताग्रस्त...