कुछ तो भी बड़ा पंगा हो गया था। रूलिंग पार्टी, उसे रिमोट कण्ट्रोल से चलाने वाले संगठन के डैमेज कण्ट्रोल बोर्ड की आपात बैठक बुलाई गयी थी। सारे लोग आ चुके थे इसलिए बैठक तुरंत शुरू की गयी और संगठन के नुमाइंदे ने बोलना शुरू किया: "स्साला, यह देश चलाना आसान नहीं है, बहुत टेंशन का काम है। रोज़ कोई न कोई पंगा हो जाता है।" सबने चेहरे पर गंभीरता लाकर, मुंडी हिलाकर चीफ की बात का अनुमोदन किया। चीफ को रिएक्शन अच्छा लगा। उन्होंने बोलना जारी रखा, "सबको पता है न क्या करना है।" सबने फिर मुंडी हिलाई। चीफ को इस बार सिर्फ मुंडी हिलाना जंचा नहीं, नकली गुस्से का प्रदर्शन करते हुए उन्होंने कहा, "मुंडी नहीं हिलाने का, बोलने का।" सबने एक स्वर में कहा, "हाँ, पता है।" चीफ ने कहा, "क्या ख़ाक पता है। अगर तुम सब लोग अपना काम ठीक से करते तो यह नौबत ही नहीं आती। मेरे कहने का मतलब है, भले हम डैमेज कण्ट्रोल बोर्ड हैं, पर डैमेज होने के बाद कण्ट्रोल करने का क्या मतलब है? कभी-कभी हमें डैमेज एंटीसीपेट करना चाहिए और उसे होने ही नहीं देना चाहिए।" सबने फिर मुंडी हि...