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Showing posts with the label कश्मीर मीडिया एफएससी रिपोर्ट Kashmir Media FSC report

कंटीली तारों से घायल खबर : कश्मीर की सूचनाबंदी - 6 (अंतिम)

एनडब्ल्यूएमआई-एफएससी रिपोर्ट अनकही कहानियां स्थानीय मीडिया प्रताड़ना से बचने के लिए अथवा बैन किये जाने के डर से जोखिम नहीं ले रहा, इस तरह लगभग पूरा स्टाफ बेकार हो गया है ।  इसीलिए काफी सेल्फ सेंसरशिप हो रही है ।  इसी तरह, खुद को बचाने के लिए अधिकांश अखबार एक जैसी ख़बरें कवर कर रहे हैं ।  इस समय "एक्स्क्लूसिव" से ज्यादा प्राथमिकता बचके रहने को दी जा रही है ।  कई स्थानीय पत्रकारों ने बताया कि उन्हें उनके कार्यालयों से ऐसे सन्देश मिले हैं कि ऐसी ख़बरें न दें जो उनके लिए गिरफ्तारी या शारीरिक हमलों की धमकियों का जोखिम पैदा करती हों ।  इन खुदकी लागू की गयी पाबंदियों के कारण कुछ महत्वपूर्ण ख़बरें स्थानीय मीडिया कवर ही नहीं कर रहा । ·           युवाओं को हिरासत में लिए जाने और अत्याचार करने की ख़बरें, खासकर जिलों से ।  हमने लोगों से सुना कि पुलिस रात में गाँवों में घुसती है और 12 साल की उम्र के बच्चों से लेकर युवाओं को उठा रही है ।  उन्हें थोड़े समय के लिए हिरासत में रखा जा रहा है और मारने-पीटने के बाद छोड़ दिय...

कंटीली तारों से घायल खबर : कश्मीर की सूचनाबंदी - 4

( एनडब्ल्यूएमआई-एफएससी रिपोर्ट) स्थानीय मीडिया की उपेक्षा पत्रकारों ने प्रशासन के दिल्ली से आने वाले 'राष्ट्रीय' पत्रकारों को तरजीह देने के बारे में कुछ कड़वाहट भरे लहजे में बात की । अनुच्छेद 370 हटाने के बाद दिल्ली से 'लाये' पत्रकारों को लाल रंग वाले मूवमेंट पास दिए गए जो सरकारी अधिकारियों और सुरक्षा बलों को दिए जाते हैं, जबकि स्थानीय मीडियाकर्मियों को सफ़ेद रंग वाले नागरिक पास दिए गए । गैर स्थानीय पत्रकारों को ख़बरें फाइल करने के लिए इन्टरनेट पहुँच दी गयी । एक स्थानीय पत्रकार ने कहा, "यह हमारे लिए सबसे बड़ी खबर थी पर मैं कोई खबर नहीं दे पाया । " अंतर्राष्ट्रीय संवाददाता और कश्मीर घाटी के बाहर के राष्ट्रीय मीडिया के पत्रकार भी पूरी तरह स्थानीय पत्रकारों निर्भर हैं । वह स्थानीय पत्रकारों के कारण ही घूम-फिर और ख़बरें जुटाने का काम कर सकते हैं । लेकिन बंदी ने क्या किया? कश्मीरी आवाज़ का पूरी तरह गला घोंट दिया । स्थानीय पत्रकारों ने अपनी हताशा और अलग-थलग किये जाने की भावना दर्शायी जब उन्होंने बताया कि मीडिया संस्थानों ने उन्हें दर-किनार कर दिल्ली या ...