एनडब्ल्यूएमआई-एफएससी रिपोर्ट अनकही कहानियां स्थानीय मीडिया प्रताड़ना से बचने के लिए अथवा बैन किये जाने के डर से जोखिम नहीं ले रहा, इस तरह लगभग पूरा स्टाफ बेकार हो गया है । इसीलिए काफी सेल्फ सेंसरशिप हो रही है । इसी तरह, खुद को बचाने के लिए अधिकांश अखबार एक जैसी ख़बरें कवर कर रहे हैं । इस समय "एक्स्क्लूसिव" से ज्यादा प्राथमिकता बचके रहने को दी जा रही है । कई स्थानीय पत्रकारों ने बताया कि उन्हें उनके कार्यालयों से ऐसे सन्देश मिले हैं कि ऐसी ख़बरें न दें जो उनके लिए गिरफ्तारी या शारीरिक हमलों की धमकियों का जोखिम पैदा करती हों । इन खुदकी लागू की गयी पाबंदियों के कारण कुछ महत्वपूर्ण ख़बरें स्थानीय मीडिया कवर ही नहीं कर रहा । · युवाओं को हिरासत में लिए जाने और अत्याचार करने की ख़बरें, खासकर जिलों से । हमने लोगों से सुना कि पुलिस रात में गाँवों में घुसती है और 12 साल की उम्र के बच्चों से लेकर युवाओं को उठा रही है । उन्हें थोड़े समय के लिए हिरासत में रखा जा रहा है और मारने-पीटने के बाद छोड़ दिय...